Govt New Scholarship 2026: गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों के लिए दिल्ली सरकार एक बेहतरीन स्कॉलरशिप स्कीम लेकर आई है। अगर आपका बच्चा 7वीं पास करके फिलहाल 8वीं क्लास में पढ़ रहा है, तो यह खबर आपके काम की है। नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम यानी NMMSS के तहत चुने गए छात्रों को पूरी पढ़ाई के दौरान कुल 48,000 रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और परीक्षा दिसंबर महीने में होनी है।
आइए इस स्कॉलरशिप से जुड़ी हर जरूरी जानकारी को विस्तार से समझते हैं।
आइए जानते हैं कि ये योजना क्या है
NMMSS यानी नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम को दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने मई 2008 में शुरू किया था। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि पैसों की तंगी की वजह से कोई भी होनहार बच्चा बीच में स्कूल छोड़ने पर मजबूर न हो।
कितनी मिलेगी स्कॉलरशिप और कब तक
चयनित छात्रों को हर महीने 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है। यह राशि 9वीं क्लास से शुरू होकर 12वीं क्लास पूरी होने तक, यानी कुल 4 साल तक मिलती रहती है। इस हिसाब से पूरी अवधि में एक छात्र को कुल मिलाकर 48,000 रुपये की आर्थिक मदद मिल जाती है, जो स्कूली शिक्षा पूरी करने में काफी सहायक साबित हो सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन, जानें पात्रता की पूरी शर्तें
इस स्कॉलरशिप के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो 7वीं क्लास पास कर चुके हैं और फिलहाल दिल्ली सरकार (NCT) के तहत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय स्कूलों में कक्षा 8 में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा कुछ शैक्षणिक और आय से जुड़ी शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
- सामान्य (जनरल) और OBC कैटेगरी के छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 7 में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी है।
- SC, ST और दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए यह सीमा थोड़ी कम रखी गई है, यानी कक्षा 7 में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
- परिवार की सभी स्रोतों से मिलाकर सालाना आय 3.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- आवेदन के समय एक वैध आय प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है, और यह प्रमाण पत्र SDM या तहसीलदार जैसे अधिकारी द्वारा ही जारी किया हुआ होना चाहिए।
परीक्षा का पैटर्न कैसा रहेगा
पात्र छात्रों का चयन सीधे किसी इंटरव्यू से नहीं, बल्कि एक लिखित परीक्षा के आधार पर होगा। इस परीक्षा में दो हिस्से होंगे: मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT) और स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT)। पूरा पैटर्न नीचे टेबल में दिया गया है।
| पेपर | टेस्ट | सवालों की संख्या | कुल अंक | समय अवधि |
|---|---|---|---|---|
| पेपर-I | मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT) | 90 | 90 | 90 मिनट |
| पेपर-II | स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) | 90 | 90 | 90 मिनट |
राहत की बात यह है कि इस परीक्षा में किसी भी तरह की नेगेटिव मार्किंग नहीं है, यानी गलत जवाब देने पर छात्रों के नंबर नहीं कटेंगे। इससे बच्चे बिना किसी डर के अपनी पूरी क्षमता के साथ परीक्षा दे सकते हैं।
स्कॉलरशिप पाने के लिए कितने नंबर लाने होंगे
सिर्फ परीक्षा में बैठ जाना ही काफी नहीं है, स्कॉलरशिप के लिए क्वालिफाई करने के लिए एक न्यूनतम अंक भी लाना जरूरी है।
- सामान्य और OBC श्रेणी के छात्रों को MAT और SAT, दोनों पेपर में अलग-अलग कम से कम 40 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
- SC, ST और दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए यह सीमा थोड़ी कम है, यानी हर पेपर में कम से कम 32 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा।
परीक्षा कब होगी और एडमिट कार्ड को लेकर क्या नियम है
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने परीक्षा का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। कक्षा 8 के छात्रों के लिए यह परीक्षा 5 दिसंबर 2026 (संभावित तारीख) को आयोजित की जाएगी।
स्कूलों को यह निर्देश दिया गया है कि परीक्षा से एक दिन पहले, यानी 4 दिसंबर 2026 को या उससे पहले हर छात्र को एडमिट कार्ड की दो कॉपी दे दी जाएं। एडमिट कार्ड पर छात्र की फोटो चिपकाना और उसे स्कूल से अटेस्ट करवाना भी अनिवार्य है, इसलिए यह काम परीक्षा से पहले ही पूरा कर लेना चाहिए।
बच्चे आवेदन कैसे करें, यहाँ देखें
इस स्कॉलरशिप के लिए एक बहुत जरूरी बात यह है कि छात्र खुद सीधे आवेदन नहीं कर सकते। इसकी पूरी प्रक्रिया स्कूल के माध्यम से ही पूरी होती है। स्कूल प्रमुख यानी हेड ऑफ स्कूल (HoS) दिल्ली शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic.in पर अपने स्कूल की लॉगिन ID और पासवर्ड का इस्तेमाल करके योग्य छात्रों का रजिस्ट्रेशन करते हैं।
यानी अगर आपका बच्चा इस स्कॉलरशिप के लिए योग्य है, तो आपको सीधे स्कूल के शिक्षकों या प्रधानाचार्य से संपर्क करके यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका नाम रजिस्ट्रेशन में शामिल किया जाए।
आवेदन की आखिरी तारीख
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और योग्य छात्र 5 अक्टूबर 2026 तक इसके लिए रजिस्टर कर सकते हैं। स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि रजिस्ट्रेशन फॉर्म में भरी गई हर जानकारी, जैसे छात्र का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम, आधार कार्ड में दर्ज जानकारी से पूरी तरह मेल खाना चाहिए।
- फॉर्म सबमिट करने से पहले इन बातों की जरूर करें जांच।
- छात्र और अभिभावक दोनों मिलकर यह जरूर सुनिश्चित करें कि रजिस्ट्रेशन फॉर्म में नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम आधार कार्ड के अनुसार ही सही-सही भरा गया हो।
- आय प्रमाण पत्र समय रहते SDM या तहसीलदार कार्यालय से बनवा लें, ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो।
- कक्षा 7 की मार्कशीट को संभालकर रखें, क्योंकि पात्रता की जांच इसी के आधार पर होगी।
- सबमिशन से पहले सभी शैक्षणिक, आय और आधार से जुड़ी जानकारी को एक बार दोबारा जरूर जांच लें, ताकि किसी छोटी सी गलती की वजह से आवेदन में दिक्कत न आए।
कुल मिलाकर, यह स्कॉलरशिप उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो आर्थिक तंगी के बावजूद अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते हैं। चूंकि आवेदन की आखिरी तारीख 5 अक्टूबर 2026 है, इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द अपने बच्चे के स्कूल में संपर्क करके रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करवा लें और साथ ही दिसंबर में होने वाली परीक्षा की तैयारी भी अभी से शुरू करवा दें।




