EPFO

September 28, 2026

Shravan Kumar

EPFO का नया नियम: ₹15,000 से ₹25,000 सैलरी वालों की घट सकती है इन-हैंड सैलरी, समझें पूरा गणित

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EPFO: ईपीएफओ की तरफ से बहुत ही महत्वपूर्ण अपडेट सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार अगर आपकी सैलरी ₹15,000 से ₹25,000 के बीच है, तो अक्टूबर की सैलरी स्लिप देखकर आपको थोड़ा हैरान होना पड़ सकता है। दरअसल EPFO ने PF वेज सीलिंग यानी वह सीमा जिस पर PF की कटौती होती है, उसे ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है। यह नया नियम 17 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है। हालांकि सितंबर में बीच महीने से बदलाव होने के कारण पुराने और नए, दोनों नियमों के हिसाब से गणना करनी पड़ी, लेकिन अक्टूबर 2026 पहला ऐसा पूरा महीना होगा, जब नई सीलिंग पूरी तरह लागू रहेगी।

पूरा मामला जाने यहाँ

आसान भाषा में समझें तो अभी तक PF की कटौती सिर्फ ₹15,000 तक की सैलरी पर ही होती थी, भले ही किसी की असली PF वेज इससे ज्यादा क्यों न हो। अब यह सीमा बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है, यानी ₹15,000 से ₹25,000 के बीच PF वेज रखने वाले कर्मचारियों की कटौती अब पहले से ज्यादा होगी।

कितनी बढ़ जाएगी आपकी PF कटौती

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए किसी कर्मचारी की PF वेज ₹20,000 है। पुराने नियम के तहत उसकी सैलरी से हर महीने सिर्फ ₹1,800 PF में कटता था, क्योंकि गणना केवल ₹15,000 तक ही सीमित थी। लेकिन अब अक्टूबर से यही कटौती बढ़कर ₹2,400 हो जाएगी, यानी हर महीने सीधे ₹600 ज्यादा कटेंगे।

कंपोनेंटपुरानी ₹15,000 सीलिंगनई ₹25,000 सीलिंग (₹20,000 PF वेज पर)
कर्मचारी का EPF योगदान₹1,800₹2,400
कंपनी का EPS योगदान₹1,250₹1,666
कंपनी का EPF योगदान₹550₹734
कुल कंपनी योगदान₹1,800₹2,400
कुल (कर्मचारी + कंपनी)₹3,600₹4,800

यानी सिर्फ कर्मचारी की जेब पर ही नहीं, बल्कि कंपनी को भी अपनी तरफ से बराबर के ₹600 रुपये ज्यादा हर महीने जोड़ने होंगे।

क्या हर किसी की कटौती ₹25,000 पर ही होगी

यहां एक गलतफहमी को दूर करना जरूरी है—बिल्कुल नहीं। ₹25,000 सिर्फ एक तय की गई अधिकतम सीमा (सीलिंग) है, इसका यह मतलब कतई नहीं है कि हर कर्मचारी की PF कटौती इसी आंकड़े के आधार पर होगी। जिन कर्मचारियों की वास्तविक PF वेज इससे कम है, उनकी कटौती उसी हिसाब से तय होगी। EPFO द्वारा दिए गए उदाहरण के अनुसार:

  • ₹10,000 PF वेज पर कटौती होगी ₹1,200
  • ₹20,000 PF वेज पर कटौती होगी ₹2,400
  • ₹25,000 PF वेज (पूरी सीलिंग) पर कटौती होगी ₹3,000

एक और जरूरी बात का ध्यान रखें—PF वेज और आपकी ग्रॉस सैलरी, ये दोनों एक जैसी चीजें नहीं हैं। दोनों में अंतर हो सकता है, इसलिए अपनी सटीक कटौती जानने के लिए अपनी सैलरी स्लिप में PF वेज की जांच करना जरूरी है।

पुराने EPF मेंबर्स के लिए क्या बदलाव आएगा?

जिन कर्मचारियों की सैलरी पहले ₹15,000 से ज्यादा होने की वजह से पेंशन स्कीम यानी EPS में शामिल नहीं थी, उनके लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। नई सीलिंग लागू होने के बाद अब उनका EPS में शामिल होना अनिवार्य हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब तक कंपनी का जो पूरा योगदान सीधे PF में जाता था, वह अब बंटकर EPS और EPF, दोनों में जमा होगा।

इन-हैंड सैलरी पर कितना असर पड़ेगा

जिन कर्मचारियों की PF कटौती अब तक ₹15,000 की सीमा तक ही सीमित थी, उनकी हाथ में आने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि अब PF में पहले से ज्यादा पैसा कटेगा। हालांकि असली फर्क हर किसी के मामले में अलग-अलग होगा, क्योंकि यह पूरी तरह आपकी मौजूदा सैलरी संरचना और कंपनी के साथ हुए वेतन करार पर निर्भर करता है।

कंपनियों और कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह

EPFO ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात साफ कर दी है—कंपनी का योगदान और कर्मचारी का योगदान, दोनों कानूनी रूप से पूरी तरह अलग-अलग चीजें हैं। यानी कोई भी कंपनी अपने हिस्से के योगदान को CTC (कॉस्ट टू कंपनी) का नाम देकर उसे कर्मचारी की कटौती के रूप में नहीं दिखा सकती। अगर ऐसा किया जाता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

चूंकि यह बदलाव सीधे आपकी सैलरी और भविष्य की पेंशन दोनों को प्रभावित करने वाला है, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी सैलरी स्लिप में PF वेज और कटौती से जुड़ी जानकारी को ध्यान से समझें। अगर किसी तरह की उलझन हो, तो अपनी कंपनी के HR विभाग या EPFO के आधिकारिक स्रोतों से इस बारे में स्पष्ट जानकारी जरूर लें।

Shravan Kumar, Senior Content Writer at Jan Seva Drishti

About Shravan Kumar

Shravan Kumar is the Senior Content Writer and Social Media Manager at Janseva Drishti, bringing over six years of expertise in digital content creation. He is dedicated to delivering accurate and timely updates on government schemes, recruitment news, competitive exams, internships, and key educational announcements to keep readers informed.

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