आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के परिवारों के लिए राहत की खबर है। EWS Certificate के लिए अब मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
लखनऊ। सरकारी नौकरी, कॉलेज में दाखिले या सरकारी योजनाओं में आरक्षण का फायदा लेने के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बेहद जरुरी दस्तावेजों में से एक है। पहले इसे बनवाने के लिए लोगों को तहसील और सीएससी सेंटर के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब यह प्रक्रिया आसान कर दी गई है और पात्र लोग जरूरी कागजात के साथ घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। निचे हमने EWS Certificate के बारे में पूरी जानकारी दी है।
EWS Certificate क्या है
ईडब्ल्यूएस का फुल फॉर्म “इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन” है, यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग। देश की आजादी के बाद सामाजिक बराबरी लाने के लिए आरक्षण व्यवस्था शुरू की गई थी, जिसमें जाति और लिंग के आधार पर आरक्षण दिया गया। इसी क्रम में गरीब व्यक्ति या परिवार को भी आरक्षण के दायरे में जोड़ा गया।
जिस तरह ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग को जाति के आधार पर आरक्षण मिलता है, उसी तरह यह लाभ सामान्य वर्ग के उन लोगों को मिलता है जो पहले से किसी आरक्षण का फायदा नहीं ले रहे और जिनकी आर्थिक हालत कमजोर है। इसका फायदा लेने के लिए यह प्रमाणपत्र बनवाना पड़ता है।
EWS Certificate के लिए पात्रता
EWS प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए।
- आवेदक सामान्य वर्ग का हो।
- परिवार की सालाना कुल आमदनी 8 लाख रुपये से ज्यादा न हो।
- परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन न हो।
- 1000 वर्ग फीट या उससे बड़ा रिहायशी मकान या फ्लैट न हो।
किन जातियों को मिलता है लाभ
यह लाभ सामान्य वर्ग की किसी भी जाति के परिवार को मिल सकता है, बशर्ते वह एससी, एसटी या ओबीसी आरक्षण के दायरे में न आता हो और उसकी सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा न हो। सामान्य वर्ग में आने वाली जातियां इस प्रकार हैं।
- ब्राह्मण
- राजपूत, ठाकुर
- बनिया, वैश्य, महाजन
- कायस्थ
- त्यागी
- भूमिहार
- खत्री
- सिख (उच्च जातियां)
- मुस्लिम (जैसे सैयद, शेख, पठान, मुगल आदि)
EWS प्रमाणपत्र के फायदे
ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र से सामान्य वर्ग के कमजोर परिवारों को कई फायदे मिलते हैं जैसे की,
- शिक्षण संस्थानों में दाखिले के समय फीस में छूट।
- परीक्षाओं में कटऑफ में राहत।
- राज्य और केंद्र सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण।
- कई बार हाउसिंग योजनाओं में ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ।
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
स्टेप 1: सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट edistrict.up.gov.in पर जाएं और लॉगिन बटन में “सिटिजन लॉगिन (ई-साथी)” पर क्लिक करें।

स्टेप 2: नया पेज खुलने पर दाईं तरफ “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण” पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपना नाम, पता और दूसरी जानकारी भरें। इसके बाद आपकी यूजर आईडी बन जाएगी।
स्टेप 3: अब दोबारा सिटीजन लॉगिन पर जाएं और अपनी यूजर आईडी से लॉगिन करें। सेवाओं की सूची में से ईडब्ल्यूएस के लिए “Apply for Income & Asset Certificate” चुनें।
स्टेप 4: आधार ई-केवाईसी से आपकी पहचान की जांच होगी। इसके बाद आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। फॉर्म कुल 6 हिस्सों में है, जिसमें आपको अपना व्यक्तिगत विवरण, पता, आय और संपत्ति की जानकारी देनी होगी।
स्टेप 5: फॉर्म भरने के बाद ये दस्तावेज अपलोड करें पासपोर्ट साइज फोटो, स्व-घोषणा पत्र, पहचान और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या राशन कार्ड, परिवार का आय प्रमाण पत्र।
स्टेप 6: सारी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। फिर आवेदन शुल्क का भुगतान यूपीआई या कार्ड जैसे ऑनलाइन माध्यम से करें।
स्टेप 7: भुगतान के बाद मिलने वाले आवेदन नंबर को प्रिंट कर लें या सुरक्षित लिख लें। आपका आवेदन जांच के लिए राजस्व लेखपाल के पास पहुंचेगा। जांच पूरी होने पर तहसीलदार की ओर से ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते, वे सीएससी सेंटर पर जाकर भी यह प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं।
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