एक ही परिवार में पिता और बेटा दोनों खेती करते हैं तो क्या दोनों को अलग-अलग किस्त मिलेगी? पीएम किसान योजना के नियम इस बारे में साफ जवाब देते हैं।
PM Kisan Yojana New Update: भारत सरकार किसानों को आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाती है। इसमें तमाम पात्र किसान को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है और हर किस्त 2,000 रुपये की होती है। बात करें इस साल की तो सरकार ने अभी तक 2 क़िस्त किसानों के खाते में भेज दी है और जल्द तीसरा क़िस्त आने वाला है, किसान भाई तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच कई किसानों के मन में सवाल है कि अगर घर में पिता और बेटा दोनों खेती करते हैं, तो क्या दोनों को योजना का पैसा मिल सकता है।
परिवार को माना जाता है एक इकाई
प्रधान मंत्री किसान योजना के नियमों के अनुसार पूरे परिवार को एक इकाई माना गया है। अगर पिता और बेटा नियमों के हिसाब से एक ही किसान परिवार में आते हैं, तो दोनों को अलग-अलग किस्त नहीं मिलेगी।
उदाहरण के लिए, जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर पिता, मां और नाबालिग बच्चे एक ही किसान परिवार में गिने जाते हैं। ऐसे में पात्र होने पर पूरे परिवार को सालाना कुल 6,000 रुपये ही मिलेंगे। यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में खाते में आएगी।
अगर पिता और बेटा एक ही परिवार या एक ही राशन कार्ड में दर्ज हैं, तो सिर्फ एक सदस्य को फायदा मिलेगा, और वह पिता होंगे।
बालिग बेटे के लिए क्या नियम है
यहां एक अहम फर्क समझना जरूरी है। योजना में परिवार की परिभाषा में नाबालिग बच्चे शामिल हैं, इसलिए बालिग बेटे का मामला अलग हो सकता है।
अगर बालिग बेटा अलग किसान परिवार के तौर पर पात्रता पूरी करता है और उसके नाम पर खेती की जमीन के वैध रिकॉर्ड हैं, तो उसकी पात्रता अलग से तय की जा सकती है। सिर्फ इतना कह देना कि बेटा खेती करता है, अलग लाभ के लिए काफी नहीं है। जमीन का मालिकाना हक और योजना के बाकी नियम भी देखे जाते हैं।
अगर बेटे का अपना राशन कार्ड है और खतौनी (राजस्व रिकॉर्ड) में उसके नाम पर अलग खेती की जमीन दर्ज है, तो पिता के साथ-साथ बेटे को भी पीएम किसान योजना का फायदा मिल सकता है।
एक नजर में
- एक ही परिवार या राशन कार्ड में रहने वाले पिता-बेटे में सिर्फ पिता को लाभ मिलेगा।
- नाबालिग बच्चे पिता के परिवार का ही हिस्सा माने जाते हैं।
- बालिग बेटे को अलग लाभ तभी मिल सकता है, जब उसका अलग राशन कार्ड हो और खतौनी में उसके नाम पर अलग कृषि भूमि दर्ज हो।




