उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। उनके मानदेय में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
UP Outsourcing Salary Hike: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को दिवाली से पहले दिया बड़ा तोहफा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिला परियोजना कार्यालयों में तैनात इन कर्मचारियों का मानदेय 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद कुछ कर्मचारियों को अब हर महीने 23,200 रुपये मिलेंगे। पूरी जानकारी के लिए इस न्यूज़ लेख के साथ अंत तक बने रहें।
इन कर्मचारियों का बढ़ेगा मानदेय
बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। स्कूल शिक्षा की महानिदेशक और राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया है।
कितना होगा सैलरी
आशुलिपिक और लेखाकार की बात करें तो इनको अब तक 18,560 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन इस आदेश के बाद अब उन्हें 23,200 रुपये मिलेंगे। बात करें सहायक लेखाकार की तो इनको अब तक 11,600 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन अब 14,500 रुपये दिए जायेंगे। टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर को अब तक 11,020 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन अब 13,775 रुपये मिलेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक़ बढ़ा हुआ मानदेय अक्टूबर से देने की तैयारी है। हालांकि कर्मचारियों को पिछले समय का कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।
यूपी के 375 कर्मचारियों को फायदा
सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम करते हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे कर्मचारियों की कुल संख्या 375 है। ये सभी कर्मचारी सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए काम कर रहे हैं। कई सालों से काम कर रहे इन कर्मचारियों को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है।
राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बढ़ा हुआ मानदेय कर्मचारियों तक पहुंचना सुनिश्चित करें। निर्देश में यह भी कहा गया है कि भुगतान में कोई गड़बड़ी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो।
परिवहन निगम के कर्मचारियों का मानदेय भी बढ़ा था
करीब डेढ़ महीने पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी मिली थी। इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकार और टैली ऑपरेटर शामिल हैं। फैसला हुआ था कि इनका मानदेय साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में, पांच-पांच प्रतिशत बढ़ाया जाएगा।
इसके तहत परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों तक तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के बेसिक मानदेय में जुलाई 2026 में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। यह बढ़ा हुआ मानदेय अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी।
मैकेनिकों का मानदेय अब भी तय नहीं
रोडवेज बसों की कार्यशालाओं में बाहरी स्रोत (आउटसोर्स) से मैकेनिक रखे गए हैं, लेकिन उनका मानदेय श्रेणी के हिसाब से दोबारा तय नहीं किया गया है। इस बारे में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय को पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि पहले प्रति कर्मचारी 7,500 रुपये में बढ़ोतरी कर इसे 8,400 रुपये किया गया था।




