UP TET Result 2026: यूपी टीईटी यानी UPTET 2026 का रिजल्ट क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग यानी UPESSC ने रिजल्ट में संशोधन को लेकर एक नया नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में आयोग ने साफ कर दिया है कि अब रिजल्ट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा, हालांकि सर्टिफिकेट से जुड़ी एक मांग को जरूर स्वीकार कर लिया गया है, तो आइए विस्तारपूवर्क समझतें हैं की मांगे क्या थी और क्या क्या हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आपको बता दें की यूपी टेट रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आयोग को अपने स्कोर में संशोधन को लेकर आवेदन (प्रत्यावेदन) भेजे थे। इन सभी शिकायतों की जांच के लिए आयोग ने 6 सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अब आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर यह नया नोटिस जारी किया है।
UP TET Result में कोई बदलाव नहीं होगा
आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट कर दिया है कि यूपीटेट के आधिकारिक रिजल्ट में अब कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों की शिकायतों को कुल चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया था, और हर श्रेणी पर अलग से विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
OMR शीट से जुड़ी शिकायतें खारिज
रिपोर्ट के अनुसार बहुत से उम्मीदवारों ने शिकायत की थी कि OMR शीट में रोल नंबर भरने में उनसे कोई गलती हो गई थी, जिसकी वजह से उनके नंबरों पर असर पड़ा। आयोग ने इन आवेदनों को अस्वीकार करते हुए बताया कि OMR शीट की जांच प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड यानी स्वचालित है। आयोग के मुताबिक परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को OMR शीट भरने से जुड़े सभी जरूरी निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए थे, इसलिए इस आधार पर रिजल्ट में बदलाव करना संभव नहीं है।
नॉर्मलाइजेशन को बताया सही प्रक्रिया
रिजल्ट को लेकर उम्मीदवारों की एक और बड़ी शिकायत यह थी कि नॉर्मलाइजेशन की वजह से उनके नंबर कम आए। कई उम्मीदवारों का मानना था कि यह प्रक्रिया उनके साथ अन्याय जैसी है। आयोग ने इस मांग को भी खारिज करते हुए बताया कि चूंकि यह परीक्षा कई अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की गई थी, इसलिए साइंटिफिक सॉफ्टवेयर आधारित नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाना नियमों के अनुसार ही सही तरीका है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में हाई-लेवल सॉफ्टवेयर के जरिए एक तय वैज्ञानिक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के नंबरों में मामूली अंतर आना पूरी तरह स्वाभाविक है। आयोग ने यह भी बताया कि अदालतों ने भी इसी तरह की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को पहले सही ठहराया है, इसलिए इस आधार पर भी रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
केवल इस मांग को मिली मंजूरी
हालांकि उम्मीदवारों के लिए एक राहत की बात भी है। चौथी श्रेणी में सर्टिफिकेट से जुड़ी गलतियों को सुधारने की मांग रखी गई थी, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया है। यानी जिन उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट में नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि या श्रेणी/वर्ग से जुड़ी कोई गलती है, उन्हें इसे ठीक करवाने का मौका मिलेगा।
आयोग के मुताबिक यह सुधार ऑनलाइन आवेदन के जरिए किए जाएंगे, और उम्मीदवारों को खुद ही आयोग के पोर्टल पर जाकर सही जानकारी जमा करनी होगी।
शिकायतों की चार श्रेणियां और उन पर लिया गया फैसला
पूरी स्थिति को आसानी से समझने के लिए नीचे टेबल में सभी चार तरह की शिकायतों और उन पर लिए गए फैसले की जानकारी दी गई है।
| शिकायत की श्रेणी | आयोग का फैसला |
|---|---|
| OMR शीट में रोल नंबर भरने की गलती | आवेदन अस्वीकार, प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमेटेड और सही बताया गया |
| नॉर्मलाइजेशन की वजह से कम स्कोर आने की शिकायत | आवेदन अस्वीकार, प्रक्रिया को वैज्ञानिक और नियमानुसार बताया गया |
| आंसर की के आधार पर कैलकुलेट किए गए मार्क्स से जुड़ी शिकायत | आवेदन अस्वीकार |
| सर्टिफिकेट में नाम, जन्मतिथि, श्रेणी जैसी जानकारी में गलती | मांग स्वीकार, ऑनलाइन सुधार की सुविधा दी जाएगी |
परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े मुख्य अपडेट
इस पूरे मामले को बेहतर तरीके से समझने के लिए परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े कुछ जरूरी आंकड़े जानना भी उपयोगी होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा की तारीख | 2, 3 और 4 जुलाई 2026 |
| रिजल्ट जारी होने की तारीख | 26 अगस्त 2026 |
| कुल शामिल उम्मीदवार | लगभग 19.95 लाख |
| कुल क्वालीफाई उम्मीदवार | लगभग 13.3 लाख |
| प्राइमरी लेवल (कक्षा 1 से 5) में पास | 5,71,435 (80.07%) |
| अपर प्राइमरी लेवल (कक्षा 6 से 8) में पास | 7,59,513 (71.85%) |
एक जरूरी जानकारी यह भी है कि उत्तर प्रदेश में यह शिक्षक पात्रता परीक्षा करीब पांच साल बाद आयोजित की गई थी, इसलिए इसमें उम्मीदवारों की संख्या भी बहुत बड़ी रही।
प्रभावित उम्मीदवारों को अब क्या करना चाहिए
- जिन उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि या श्रेणी में कोई गलती है, वे आयोग के पोर्टल पर जाकर जल्द से जल्द सुधार के लिए आवेदन करें।
- सुधार के लिए आवेदन करते समय सही और सटीक जानकारी ही भरें, ताकि दोबारा किसी गलती की गुंजाइश न रहे।
- जिन उम्मीदवारों की शिकायत OMR शीट या नॉर्मलाइजेशन से जुड़ी थी, उन्हें अब आयोग के इस फैसले को अंतिम मानते हुए आगे की तैयारी, जैसे भर्ती परीक्षाओं की ओर ध्यान देना चाहिए।
- सर्टिफिकेट में सुधार से जुड़ी प्रक्रिया और आखिरी तारीख के लिए नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in चेक करते रहें।
आयोग ने साफ कर दिया है कि रिजल्ट को लेकर उठाई गई ज्यादातर आपत्तियां तकनीकी और प्रक्रिया आधारित होने की वजह से खारिज कर दी गई हैं, लेकिन सर्टिफिकेट में हुई मानवीय गलतियों को सुधारने का मौका जरूर दिया गया है। जिन उम्मीदवारों के दस्तावेज में कोई त्रुटि है, उन्हें बिना देरी किए इस सुविधा का फायदा उठाना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर शिक्षक भर्ती जैसी बड़ी प्रक्रियाओं में यही सर्टिफिकेट सबसे अहम दस्तावेज साबित होगा।




